Nalanda University: History, Facts, Courses & UNESCO World Heritage Site 2025

Nalanda University: History, Facts, Courses & UNESCO World Heritage Site 2025

Nalanda University: History, Facts, Courses & UNESCO World Heritage Site 2025

नालंदा यूनिवर्सिटी (Nalanda University) भारत के बिहार राज्य के राजगीर में स्थित एक अंतरराष्ट्रीय शोध-मुख्य विश्वविद्यालय है, जिसका नाम प्राचीन नालंदा महाविहार पर आधारित है। यह आधुनिक समय का नव-स्थापित विश्व-स्तरीय शैक्षणिक संस्थान है जिसे भारतीय संसद द्वारा 2010 में कानून के तहत स्थापित किया गया था।

🎓 प्रमुख विशेषताएँ

  • स्थापना: 25 नवंबर 2010 (भारतीय संसद अधिनियम)
  • स्थान: राजगीर, नालंदा, बिहार, भारत
  • प्रकार: अंतरराष्ट्रीय शोध विश्वविद्यालय (Institute of National Importance)
  • कोर्स: केवल पोस्टग्रेजुएट (MA, MSc) और PhD प्रोग्राम उपलब्ध
  • मध्यम: अंग्रेजी और अंतरराष्ट्रीय शोध कार्यक्रम
  • मूल मंत्र: ‘Let noble thoughts come to us from all directions’ (सभी दिशाओं से महान विचार आएं

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इतिहास और महत्ता

नालंदा यूनिवर्सिटी का नाम प्राचीन नालंदा महाविहार से लिया गया है — जो 5वीं सदी ईस्वी में गुप्त सम्राट कुमारगुप्त प्रथम द्वारा स्थापित एक विश्व-प्रसिद्ध ज्ञान-केन्द्र था। इस प्राचीन विश्वविद्यालय में कभी 10,000 से अधिक छात्र और हजारों शिक्षक शिक्षा देते तथा ग्रहण करते थे।

पुरातात्विक शोध बताते हैं कि प्राचीन नालंदा में 64 विषयों तक शिक्षा दी जाती थी, जिसमें दर्शन, तर्कशास्त्र, गणित, चिकित्सा, ज्योतिष, भाषा विज्ञान जैसे विविध क्षेत्र शामिल थे।

आधुनिक नालंदा यूनिवर्सिटी

नया नालंदा आधुनिक विश्व-स्तरीय शिक्षा-संस्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका नया नेट-जीरो (Net Zero) हरित कैंपस राजगीर की पहाड़ियों के बीच विकसित हुआ है जिसमें डिजिटल लाइब्रेरी, हाई-टेक क्लासरूम और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएँ शामिल हैं।

विश्व के 18 East Asia Summit देशों के साथ सहयोग के माध्यम से यह विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित कर रहा है और वैश्विक स्तर पर शिक्षा व शोध के लिए उत्कृष्ट केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।

प्रोग्राम और शोध

नालंदा यूनिवर्सिटी में बौद्ध अध्ययन, अंतरराष्ट्रीय सम्बन्ध, पर्यावरण अध्ययन, दर्शन, भाषा और साहित्य सहित कई शोध-प्रधान विषयों में मास्टर्स तथा पीएचडी कार्यक्रम उपलब्ध हैं। इससे यह विश्व-स्तरीय शोध-केन्द्र के रूप में पहचाना जाता है।

✨ नालंदा यूनिवर्सिटी क्या है?

नालंदा यूनिवर्सिटी भारत के बिहार राज्य के राजगीर (नालंदा जिला) में स्थित एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का शोध विश्वविद्यालय है। यह विश्वविद्यालय प्राचीन नालंदा महाविहार की गौरवशाली परंपरा को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ता है।

यह विश्वविद्यालय भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य एशिया और विश्व को जोड़ने वाला वैश्विक ज्ञान केंद्र बनाना है।


📜 प्राचीन नालंदा महाविहार का इतिहास

प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय:

  • स्थापना: 5वीं शताब्दी ईस्वी
  • संस्थापक: गुप्त सम्राट कुमारगुप्त प्रथम
  • छात्र: 10,000+
  • आचार्य: 2,000+

यह विश्व का पहला आवासीय विश्वविद्यालय माना जाता है।
यहाँ भारत, चीन, कोरिया, जापान, तिब्बत, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया से छात्र पढ़ने आते थे।

📚 पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषय:

  • बौद्ध दर्शन
  • तर्कशास्त्र
  • गणित
  • चिकित्सा (आयुर्वेद)
  • व्याकरण
  • खगोल विज्ञान

Nalanda University

आधुनिक नालंदा यूनिवर्सिटी (Modern Nalanda University)

आधुनिक नालंदा यूनिवर्सिटी की स्थापना 2010 में संसद के अधिनियम द्वारा की गई।

🔹 मुख्य तथ्य:

  • स्थान: राजगीर, बिहार
  • प्रकार: अंतरराष्ट्रीय शोध विश्वविद्यालय
  • कैम्पस: इको-फ्रेंडली (Net Zero Green Campus)
  • मान्यता: भारत सरकार
  • भागीदार देश: 18 से अधिक (East Asia Summit)

🎓 नालंदा यूनिवर्सिटी में उपलब्ध कोर्स

नालंदा यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्स नहीं होते।

पोस्टग्रेजुएट (PG) कोर्स:

  • MA in Buddhist Studies
  • MA in International Relations
  • MA in Philosophy
  • MA in World Literature
  • MSc in Environmental Studies

रिसर्च प्रोग्राम:

  • PhD (विभिन्न विषयों में)

यह विश्वविद्यालय रिसर्च और अकादमिक एक्सीलेंस पर विशेष ध्यान देता है।

कैंपस और सुविधाएँ

नालंदा यूनिवर्सिटी का नया कैंपस अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है:

  • 📖 डिजिटल लाइब्रेरी
  • 🖥️ स्मार्ट क्लासरूम
  • 🌱 सोलर एनर्जी सिस्टम
  • 🏠 हॉस्टल सुविधा (राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय छात्र)
  • 🧘 मेडिटेशन और योग केंद्र
  • 🌏 मल्टी-कल्चरल वातावरण

एडमिशन प्रक्रिया (संक्षेप में)

  • ऑनलाइन आवेदन
  • प्रवेश परीक्षा / इंटरव्यू
  • अकादमिक मेरिट आधारित चयन

यह विश्वविद्यालय गुणवत्ता को प्राथमिकता देता है, न कि संख्या को।

🌟 नालंदा यूनिवर्सिटी का महत्व

  • भारत की शैक्षणिक विरासत का पुनर्जागरण
  • एशिया-केंद्रित वैश्विक शिक्षा
  • बौद्ध अध्ययन का अंतरराष्ट्रीय केंद्र
  • भारत की सॉफ्ट पावर को मजबूत करता है

नालंदा महाविहार (Nalanda Mahavihara) को
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site) की सूची में वर्ष 2016 में शामिल किया गया था।

संक्षिप्त जानकारी

:

  • विश्व धरोहर में शामिल होने का वर्ष: 2016
  • स्थान: नालंदा जिला, बिहार
  • श्रेणी: सांस्कृतिक धरोहर (Cultural Heritage)
  • मान्यता देने वाली संस्था: UNESCO